नीट-यूजी 2026 परीक्षा से जुड़े विवाद और देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। सोशल मीडिया मंच X पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों की घटनाओं से उनका मन बेहद दुखी और व्यथित रहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित होने से बचाना और देश की एकता बनाए रखना है।
अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वे लंबे समय से शिक्षा और छात्र हितों के लिए कार्य करते रहे हैं तथा युवाओं की भावनाओं और सपनों का हमेशा सम्मान किया है। उन्होंने बताया कि परीक्षा में सामने आई अनियमितताओं के बाद सरकार ने तुरंत जांच सीबीआई को सौंपी, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। साथ ही भविष्य में परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का निर्णय भी लिया गया।
उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि इस पूरे मामले का फायदा राष्ट्रविरोधी ताकतें उठाएं या छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों में फंसे। अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री, अपने सहयोगियों और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में भी देश, शिक्षा और युवाओं के हित में पूरी निष्ठा से कार्य करते रहेंगे।


