मुंबई। दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी सक्रिय हो चुकी जाह्नवी ने हाल ही में मलयालम भाषा और दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपने अनुभवों को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि मलयालम भाषा उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुई है और भविष्य में वह इस भाषा की फिल्मों में काम करने से बचना चाहेंगी। हालांकि, उन्होंने मलयालम को बेहद सुंदर और समृद्ध भाषा बताते हुए उसके प्रति सम्मान भी व्यक्त किया। एक साक्षात्कार में जाह्नवी कपूर ने कहा कि वह अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों को समझने तथा उनमें काम करने की इच्छुक हैं। उन्होंने बताया कि दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखने के बाद उन्हें नई भाषाओं और अभिनय शैलियों को सीखने का अवसर मिला है। हालांकि, मलयालम भाषा के उच्चारण और उसकी जटिल ध्वनियों ने उनके लिए काम को काफी कठिन बना दिया। जाह्नवी ने कहा कि तमिल और तेलुगु भाषाओं की ध्वनियों से वह अपेक्षाकृत परिचित महसूस करती हैं, इसलिए इन भाषाओं में काम करना उनके लिए अधिक सहज है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि मलयालम भाषा बेहद खूबसूरत है, लेकिन उसके उच्चारण को सही तरीके से सीखना उनके लिए आसान नहीं रहा।


