-सतीशन कैबिनेट से साधा जाति-धर्म और क्षेत्रीय संतुलन
-यूडीएफ सरकार में सहयोगी दलों को मिला प्रतिनिधित्व
नई दिल्ली। केरल में एक दशक बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार ने मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के नेतृत्व में ऐसा मंत्रिमंडल तैयार किया है, जिसे राजनीतिक जानकार “सोशल इंजीनियरिंग का मॉडल” मान रहे हैं। सोमवार को तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि उनके साथ 20 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की।
21 सदस्यीय मंत्रिमंडल में कांग्रेस ने जातीय, धार्मिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति अपनाई है। कांग्रेस कोटे से 11 मंत्री बनाए गए हैं, जबकि सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को पांच मंत्री पद दिए गए हैं। इसके अलावा केरल कांग्रेस के विभिन्न गुटों और आरएसपी को भी प्रतिनिधित्व मिला है।
सतीशन सरकार में सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है। मंत्रिमंडल में कुल 9 हिंदू, 6 मुस्लिम और 5 ईसाई नेताओं को शामिल किया गया है। प्रभावशाली नायर समुदाय से मुख्यमंत्री वीडी सतीशन सहित चार नेताओं को जगह देकर कांग्रेस ने सवर्ण हिंदू मतदाताओं को साधने की कोशिश की है। वहीं ईझावा और अन्य पिछड़ा वर्ग से भी नेताओं को मंत्री बनाकर ओबीसी वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने का संदेश दिया गया है। दलित समुदाय से एपी अनिल कुमार और के.ए. थुलसी को कैबिनेट में शामिल किया गया है।


