हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ेगी सैन्य चुनौती
बीजिंग। चीन ने एक बार फिर दुनिया को अपनी बढ़ती सैन्य और नौसैनिक महत्वाकांक्षाओं से अवगत करा दिया है। उत्तरी चीन के डालियान शिपयार्ड से सामने आई नई सैटेलाइट तस्वीरों से यह पुष्टि हो गई है कि बीजिंग अपने पहले परमाणु-संचालित सुपर एयरक्राफ्ट कैरियर के निर्माण कार्य को बेहद तेजी से आगे बढ़ा रहा है। यह महाकाय युद्धपोत हिंद-प्रशांत और दक्षिण चीन सागर में चीन के दीर्घकालिक प्रभुत्व का सबसे बड़ा प्रतीक बनने जा रहा है। पिछले एक वर्ष के भीतर इस जहाज के विभिन्न हिस्सों को जोड़कर एक स्पष्ट और विशाल ढांचा खड़ा कर लिया गया है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि निर्माण की यह तेज गति चीन की औद्योगिक और नौसैनिक क्षमता का बड़ा संकेत है और यह परमाणु सुपरकैरियर 2030 के शुरुआती वर्षों में बनकर पूरी तरह तैयार हो सकता है।


