नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने युवा वकीलों से कहा कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता को सफलता का पैमाना नहीं मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि वकालत में स्थायी पहचान और सम्मान अदालत में ईमानदारी, मेहनत और विश्वसनीयता से मिलता है। उन्होंने सलाह दी कि करियर की शुरुआत में अपनी कानूनी समझ, ड्राफ्टिंग कौशल और तर्क क्षमता को मजबूत करें। सीजेआई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को केवल सहायक उपकरण बताते हुए कहा कि यह वकील की सोच और अनुभव का विकल्प नहीं हो सकता। साथ ही उन्होंने जरूरतमंद लोगों को निस्वार्थ कानूनी सहायता देने का भी आह्वान किया।


