मुंबई। एयर इंडिया के एक एयरबस ए320 ने बिना एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेट के आठ उड़ानें भरकर बड़ी सुरक्षा चूक उजागर कर दी। जांच में पाया गया कि इंजीनियर और पायलट दोनों जरूरी डॉक्यूमेंट चेक करने में नाकाम रहे। रिपोर्ट ने सिस्टम की खामियों को जिम्मेदार ठहराया, जबकि डीजीसीए ने विमान को ग्राउंड कर जांच शुरू कर दी है। जांच में पाया गया कि एयर इंडिया का एक एयरबस ए320 विमान 24 और 25 नवंबर को दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद के बीच आठ उड़ानें भरते हुए पाया गया, जबकि इसके पास जरूरी एयरवर्दीनेस सर्टिफिकेट (एआरसी) नहीं था। एआरसी वह प्रमाणपत्र है जो यह सुनिश्चित करता है कि विमान सुरक्षित है और उड़ान के लिए फिट है। आंतरिक जांच में खुलासा हुआ कि इंजीनियर और मेंटेनेंस टीम ने दस्तावेज़ जांच नहीं की, पायलटों ने टेकऑफ से पहले नियमों का पालन नहीं किया और इंजन बदलने के बाद टेस्ट फ्लाइट के लिए परमिट नहीं लिया गया। रिपोर्ट में इसे सिस्टमेटिक फेल्योर कहा गया, यानी कई स्तरों पर चूक हुई। नियमों के अनुसार, बिना एआरसी उड़ान भरने पर 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।


