बीजिंग,। चीन की नजर रूस के साइबेरियाई इलाके व्लादिवोस्तोक और अमूर ओब्लास्ट के एक आईलैंड पर है। चीनी सरकार सीमा के पास कृषि भूमि खरीद रही है और उसे लंबे समय के लिए लीज पर ले रही है, जिससे इलाके पर अपना दावा मजबूत करने की कोशिश हो रही है। ये दोनों इलाके कभी चीन के किंग साम्राज्य का हिस्सा थे, जिन्हें लगभग 150 साल पहले (19वीं सदी में) चीन को मजबूरी में रूसी साम्राज्य को सौंपना पड़ा था। चीन अफीम युद्धों में हारने के कारण कमजोर था। रूस ने इस स्थिति का फायदा उठाया और 1858 में ऐगुन संधि (जिससे अमूर नदी के उत्तर का बड़ा इलाका रूस को मिला) और 1860 में पेकिंग संधि (जिससे व्लादिवोस्तोक और आसपास का क्षेत्र रूस का हिस्सा बना) पर हस्ताक्षर करवा लिए।


