ढाका। दक्षिण एशिया की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी को होने वाले 13वें आम चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच देश का राजनीतिक पारा चढ़ चुका है। हाल ही में आए एक प्रमुख ओपिनियन पोल के नतीजों ने पूरे क्षेत्र के विश्लेषकों को चौंका दिया है। सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, खालिदा जिया के निधन के बाद उनके बेटे तारिक रहमान के नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) एक बड़ी जीत की ओर अग्रसर दिख रही है।
एमिनेंस एसोसिएट्स फॉर सोशल डेवलपमेंट द्वारा किए गए इस व्यापक सर्वे में देश के 300 संसदीय क्षेत्रों के 20 हजार से अधिक मतदाताओं की राय ली गई। ओपिनियन पोल के चौंकाने वाले नतीजों के अनुसार, करीब 70 प्रतिशत मतदाताओं ने बीएनपी का समर्थन किया है। यह आंकड़ा बीएनपी के लिए एक बड़ी संजीवनी माना जा रहा है। इसके मुकाबले, जमात-ए-इस्लामी को केवल 19 प्रतिशत समर्थन मिलता दिख रहा है। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि पिछले साल अगस्त में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए ऐतिहासिक छात्र आंदोलन से उपजी नेशनल सिटिजन्स पार्टी (एनसीपी) को मात्र 2.6 प्रतिशत लोगों का साथ मिला है। यह इस बात का संकेत है कि सड़कों पर होने वाले आंदोलन हमेशा चुनावी जीत की गारंटी नहीं होते।

