संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने अफगानिस्तान में बढ़ती हिंसा और नागरिकों की सुरक्षा के मुद्दे पर पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की। भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने सुरक्षा परिषद की खुली बहस में कहा कि आतंकवाद और हिंसा को बढ़ावा देने वाले देशों का रिकॉर्ड दुनिया के सामने साफ दिखाई देता है। उन्होंने बिना नाम लिए पाकिस्तान की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे देशों को मानवाधिकार और शांति की बात करने से पहले अपने पुराने रिकॉर्ड पर नजर डालनी चाहिए।
भारत ने स्पष्ट किया कि संघर्ष के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। भारतीय प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि निर्दोष लोगों की मौत और आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपनाना समय की मांग है।


