नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण और सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि आर्थिक रूप से संपन्न और प्रभावशाली लोग कानून की प्रक्रिया का सामना करने के बजाय, अक्सर केस दर्ज होते ही उस कानून की वैधता को ही चुनौती देने के लिए अदालत का रुख करते हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने इस बढ़ते हुए रुझान पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे एक दुर्लभ और चिंताजनक ट्रेंड करार दिया है।


