आने वाले समय में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। इसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल बताया जा रहा है, जिससे तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है। सूत्रों के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) जैसे Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited को पेट्रोल, डीजल, घरेलू गैस और एटीएफ की बिक्री पर भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से इन कंपनियों ने कीमतों में संशोधन की आवश्यकता जताई है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 126 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया, जिसके कारण ओएमसी कंपनियों का घाटा और बढ़ गया है। कंपनियों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में ईंधन की कीमतों को स्थिर रखना मुश्किल होता जा रहा है। हालांकि सरकार का रुख फिलहाल सावधानीपूर्ण है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी अस्थिर हैं, लेकिन सरकार का प्रयास है कि इसका सीधा असर आम जनता पर कम से कम पड़े। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल ईंधन की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी की कोई पुष्टि नहीं है।


