नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच एजेंसी को संकेत मिले हैं कि पिछले वर्ष भी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कोचिंग संस्थान तक पहुंच चुका था। मामले में कोचिंग संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर का नाम सामने आने के बाद जांच और तेज कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, शिवराज के नेटवर्क का संबंध कथित पेपर लीक गिरोह से जुड़ा हो सकता है। जांच में यह भी सामने आया कि संस्थान के कई छात्रों ने NEET 2025 में शानदार प्रदर्शन किया और अलग-अलग AIIMS संस्थानों में प्रवेश पाया।
बताया जा रहा है कि नेटवर्क ऐसे छात्रों को निशाना बनाता था जो पढ़ाई में अच्छे और आर्थिक रूप से सक्षम हों। कथित तौर पर परिवारों से संपर्क कर विशेष व्यवस्था के तहत छात्रों को कोचिंग बैच में शामिल किया जाता था।


