नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने के बावजूद फिलहाल पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। जानकारों का कहना है कि सरकारी तेल विपणन कंपनियां पहले हुए भारी नुकसान की भरपाई पर ध्यान दे रही हैं। इसलिए कीमतों में तुरंत कटौती की उम्मीद नहीं है। कंपनियां बाजार की स्थिति और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। पहले उन्हें प्रतिदिन हजारों करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ा था। ऐसे में सरकार भी कंपनियों को आर्थिक संतुलन बनाने के लिए कुछ समय दे सकती है।


